L.N.D. College

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Poem

नारी सोचो तो पहेली, समझो तो सहेली


About this Piece

यह कविता नारी की सहनशक्ति और उसके अदृश्य त्याग का वर्णन करती है। यह महिलाओं को अपने सपनों को न छिपाने और समाज के डर को छोड़कर अपनी आंतरिक शक्ति (काली) को पहचानने के लिए प्रेरित करती है。

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