Poem
मेरी पहचान
About this Piece
यह कविता एक औरत के संघर्ष, धैर्य और अटूट इच्छाशक्ति को समर्पित है। वह अपनी जिम्मेदारियों और सपनों के बीच संतुलन बनाती है और हर बार टूटकर पहले से अधिक मजबूत होकर उभरती है। यह उसकी चुप्पी में छिपे दर्द और उसके अजेय आत्मविश्वास की कहानी है।