Poem
मेरे सपने
About this Piece
संध्या कुमारी की यह कविता कल्पनाओं के माध्यम से स्वतंत्रता की इच्छा व्यक्त करती है। कवयित्री पक्षी, हवा, बादल और फूल बनने की चाह रखती है ताकि वह बिना किसी रोक-टोक के प्रकृति का आनंद ले सके और अपनी मातृभूमि व दीन-दुखियों की निस्वार्थ भाव से सेवा कर सके।