Poem
ग़ज़ल
About this Piece
यह ग़ज़ल शुभांगी भारती द्वारा लिखी गई "दो गजल" का संग्रह है। इसमें मुख्य रूप से समाज में औरत की स्थिति, उसकी गरिमा और घर की तलाश जैसे गंभीर विषयों को उठाया गया है। कवयित्री ने पुरानी परंपराओं, बंदिशों और इंसानियत की खोज पर मार्मिक सवाल किए हैं।