L.N.D. College

( A CONSTITUENT UNIT OF B.R.A. BIHAR UNIVERSITY, MUZAFFARPUR )

दस्तक | DASTAK

साहित्यिक एवं रचनात्मक पत्रिका | Literary & Creative Magazine

About magazine Home
Poem

अधिकार


About this Piece

संदीप नंद की यह व्यंग्य कविता समाज में महिलाओं के "अधिकारों" के खोखलेपन पर प्रहार करती है। इसमें दहेज, सती और उत्पीड़न जैसी कुरीतियों को कटाक्ष के रूप में महिलाओं का अधिकार बताया गया है। लेखक कागजों पर सीमित महिला सशक्तिकरण और समाज की संकीर्ण सोच पर सवाल उठाते हैं।

Reading Mode Download PDF